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Wednesday, 17 February 2016

कन्हैया का बयान, क्या लिखा है.. पढ़ें...

नई दिल्ली। देशद्रोह के आरोप का सामना कर रहे जेएनयूएसयू नेता कन्हैया कुमार ने बुधवार को कहा कि वह भारतीय है और उसे न्यायपालिका एवं संविधान पर पूरा विश्वास है, उसके इस बयान पर पुलिस ने कहा कि वह उसकी जमानत का विरोध नहीं करेगी।


कन्हैया ने रिमांड सुनवाई के लिए पेश किए जाने पर मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट लवलीन से कहा, ‘मैंने पहले भी कहा है। मैं भारतीय हूं। मुझे देश के संविधान एवं न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। मेरे विरुद्ध मीडिया ट्रायल पीड़ादायक है। यदि मेरे विरुद्ध सबूत है कि मैं गद्दार हूं तो कृपया मुझे जेल भेज दीजिए। यदि मेरे खिलाफ सबूत नहीं है तो मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए।'
 
कन्हैया पर पिछले हफ्ते जेएनयू में हुए एक कार्यक्रम के सिलसिले में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था और उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस कार्यक्रम में राष्ट्र विरोधी नारे लगाए गए थे। कन्हैया को दो मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस बयान पर दिल्ली पुलिस के आयुक्त बीएस बस्सी ने कहा कि यदि कन्हैया जमानत की अर्जी लगाता है तो पुलिस उसका विरोध नहीं करेगी। बस्सी ने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से महसूस करता हूं कि एक युवा को संभवत: जमानत दे दी देनी चाहिये। बस्सी ने कन्हैया का पुलिस को दिया बयान भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
 
उसने कहा कि पुलिस के खिलाफ मेरी कोई शिकायत नहीं है। जब मुझे अदालत लाया गया तो भीड़ ने मुझ पर हमला किया था। पुलिस मुझे घेरकर अदालत कक्ष ला रही थी और उसने भीड़ से बचाने के लिए यथासंभव कोशिश की। लेकिन फिर भी, मुझे पीटा गया। कुछ पुलिस अधिकारियों पर भी हमला हुआ। मजिस्ट्रेट ने अदालत में डॉक्टरों की टीम द्वारा कुमार का मेडिकल परीक्षण तत्काल करने का आदेश दिया।
 
मजिस्ट्रेट ने अदालत में मौजूद पुलिस उपायुक्त (सुरक्षा) को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि उस पर कोई हमला नहीं हो। अदालत ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक को भी कन्हैया की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। (भाषा)

Friday, 12 February 2016

हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती




OMG! शून्य पर आउट हो गई पूरी टीम

लंदन। अनिश्चितताओं का खेल है। इसमें दिन रहने पर कोई भी गगनचुंबी स्कोर भी खड़ा कर सकती है और कोई भी टीम ताश के पत्तों की तरह धराशायी भी हो सकती है।
 
इंग्लैंड में एक ऐसे ही के दौरान एक टीम के स्कोर का खाता भी नहीं खुला और वह ‘00’ के स्कोर पर ऑल आउट हो गई।
 
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की गुरुवार को एक रिपोर्ट में बताया गया कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप में एक मुकाबले के दौरान क्राइस्ट चर्च यूनिवर्सिटी के खिलाफ खेलते हुए बैपचाइल्ड की टीम खाता खोले बिना ही आउट हो गई।
 
क्राइस्ट चर्च ने बैपचाइल्ड को जीत के लिए 121 का लक्ष्य दिया था जिसके जवाब में बैपचाइल्ड की टीम बेहद शर्मनाक तरीके से मात्र 20 गेंदों के भीतर के स्कोर पर आउट हो गई और क्राइस्टचर्च ने यह मैच 120 रनों से जीत लिया।
 
क्राइस्टचर्च के स्पिनर माइक रोज ने जीत के बाद खुशी और हैरानी जताते हुए कहा कि यह वाकई अविश्सनीय है कि कोई भी टीम खाता खोले बिना ही आउट हो गई हो।

भारत विरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं- राजनाथ

नई दिल्ली। जेएनयू परिसर में एक आयोजन के दौरान कथित भारत-विरोधी नारेबाजी में संलिप्त रहे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कड़ा रूख अख्तियार करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
 
सिंह ने बताया, 'यदि कोई भी भारत-विरोधी नारे लगाता है, देश की एकता और अखंडता पर सवाल उठाने की कोशिश करता है तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।'
 
गृहमंत्री ने कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से कहा है कि वह हाल ही में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में भारत-विरोधी गतिविधियों में कथित तौर पर लिप्त रहे लोगों के खिलाफ कड़े से कड़ा कदम उठाए।
 
मंगलवार को जेएनयू परिसर में छात्रों के एक समूह ने एक समारोह आयोजित किया था और संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को वर्ष 2013 में फांसी दिए जाने के मुद्दे पर सरकार एवं देश के खिलाफ कथित तौर पर नारे लगाए थे।
 
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस समारोह के आयोजन की अनुमति रद्द की जाने के बावजूद यह आयोजन किया गया था। यह अनुमति एबीवीपी के सदस्यों की ओर से शिकायत किए जाने के बाद रद्द की गई थी। एबीवीपी सदस्यों ने इस आयोजन को ‘राष्ट्र-विरोधी’ करार दिया था।
 
भाजपा सांसद महेश गिरी और एबीवीपी की शिकायतों के बाद दिल्ली पुलिस ने कल इस समारोह के सिलसिले में देशद्रोह का मामला दर्ज किया है।

Thursday, 11 February 2016

बंद किया जा सकता है मोबाइल इंटरनेट : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला लेते हुए सरकार के विरोध में दायर की गई एक याचिका को खारिज कर कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिएको बंद किया जा सकता है।






कोर्ट ने गुजरात सरकार के उस फैसले को सही ठहराया जिसमें सरकार के पटेल आरक्षण आंदोलन या पाटीदार समाज के आरक्षण की मांग को लेकर चलाए गए आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए मोबाइल सेवा और इंटरनेट सेवा को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया था।

कोर्ट ने माना कि दंगे जैसे हालात में इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। बता दें कि गुजरात में पटेल आंदोलन के दौरान दस दिनों के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद करने का गुजरात सरकार ने फैसला लिया था।

उल्लेखनीय है कि आजकल सोशल मीडिया के चलते तमाम अफवाहों के फैलने से समाज में तनाव व्याप्त हो जाता है और कई बार तो कुछ जगहों पर दंगों जैसे हालात बन जाते हैं।

याचिका में कहा गया था कि गुजरात सरकार ने गैरकानूनी तरीके से मोबाइल इंटरनेट पर धारा 144 के तहत बैन लगाया था। हालांकि इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट भी याचिका को खारिज कर चुका है।

हनुमंथप्पा के निधन से देशभर में शोक

नई दिल्ली। सियाचिन के हीरो लांस नायक हनुमंथप्पा कोपड के निधन की खबर मिलते ही देशभर में की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत अनेक  नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मोदी ने कहा कि वह हमें उदास और विचलित छोड़ गए हैं। लांस नायक हनुमंथप्पा की आत्मा की शांति की कामना करते हुए उन्होंने कहा, ‘एक सैनिक के रुप में आप हमेशा अमर रहेगें। हमें इस पर गर्व है कि आप जैसे शहीदों ने भारत की सेवा की है।’

सोनिया गांधी ने लांस नायक हनुमंथप्पा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के इस बहादुर बेटे ने अपने जीवन में पूरे देश को एक कर दिया है। उनके पूरे देश ने एक स्वर में प्रार्थना की है और प्रत्येक नागरिक उनके निधन से दुखी है। वह अपने जीवन के अंतिम क्षण जिजीविषा, साहस और दृढ निश्चय के साथ लड़ते रहे जो हमारी सशस्त्र सेनाओं की खासियत है। कांग्रेस अध्यक्ष ने लांस नायक के परिजनों के प्रति संवेदना भी जताई।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी लांस नायक हनुमंथप्पा के निधन पर शोक जताते हुए कहा है कि उनके जीवन ने पूरी दुनिया को साहस और दृढ़ता का अर्थ बता दिया है।

पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर लापता

के बढ़ते दबाव के बीच पठानकोट आतंकी हमले का मास्टरमाइंड से लापता हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि वह में छुपा हुआ है।
 
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों ने कहा है कि जैश-ए-मोहम्मद के ज्यादातर आतंकी गिरफ्तार कर लिए गए हैं, हालांकि मसूद अजहर उनमें शामिल नहीं है। अजहर की लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा है, उसके अफगानिस्तान में छुपने की आशंका है।
 
बीते महीने एयरफोर्स स्टेशन में हुए आतंकी हमले और 80 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद भारत ने पाकिस्तान को सबूत सौंपते हुए कहा था कि हमले के पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है और इसका मास्टरमाइंड मसूद अजहर है।
 
पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में 7 जवान शहीद हुए थे। भारत ने पाकिस्तान को इस बात के भी सबूत दिए थे कि हमले के पीछे मसूद अजहर और उसके कुछ रिश्तेदारों का हाथ है।
 
घटना के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पीएम नरेंद्र मोदी को फोन करके दोषियों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया था, लेकिन एक महीने से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
 
हालांकि पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का दावा किया गया था कि अजहर को हिरासत में लिया गया है और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर छापा मारा गया है। लेकिन सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की थी।
 
मसूद अजहर के लापता होने संबंधी खबर का सीधा असर भारत पाक संबंधों पर पड़ सकता है और दोनों देशों के बीच होने वाली संभावित वार्ता में एक बार फिर खटाई में पड़ सकती है।

दुखद: आखिर जिंदगी की जंग हारे लांसनायक हनुमंथप्पा

नई दिल्ली। सियाचिन में मौत को मात देकर लौटे हनुमंथप्पा आखिर जिंदगी की जंग हार गए। दिल्ली के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में हनुमंथप्पा का निधन हो गया।  उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। सीटी स्कैन से पता चला था कि उनके मस्तिष्क को ऑक्सीजन की सप्लाई पर गहरा असर पड़ा है। उनके शरीर के तमाम अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। हनुमंथप्पा 6 दिन तक बर्फ में दबे रहे थे जबकि उनके बाकी 9 साथियों को बचाया नहीं जा सका था।
उनके दोनों फेफड़ों में न्यूमोनिया का संक्रमण था। शरीर के कई अंग अभी भी सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। तमाम कोशिशों और दवाओं के बावजूद हनुमंथप्पा अलविदा कह गए। सियाचिन में 35 फीट बर्फ में 6 दिन तक दबे रहने के बाद सोमवार को लांसनायक हनुमंथप्पा को निकाला गया था। हनुमंथप्पा की सलामती के लिए पूरे देश ने अपने-अपने तरीके से दुआएं की थीं।  उनकी सलामती के लिए कहीं हवन हुए तो लखनऊ की ईदगाह में उनके लिए नमाज अदा की गई। जयपुर में महाआरती का आयोजन हुआ।

मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में भी सियाचिन के शेर के लिए खास पूजा की गई। इस मुहिम में डिब्बावाले भी जुड़े। सबने उनकी लंबी उम्र की कामना की। जो जवान देश के लिए जान गवां बैठे हैं उनकी आत्मा की शांति के लिए और जो बच गया है उसको लंबी उम्र दें, इसके लिए प्रार्थना की गई।